अयोध्या मे राम मंदिर पूजन मे निमंत्रण नही मिलने का दुख लेकिन राम मंदिर बनने की है खुशी - ब्रम्हानन्द मिश्र
August 4, 2020 • गुरुकुल वाणी

आज देवरिया जिले के रामपुर कारखाना बिधानसभा के ग्राम ज़िगिना मिश्र के निवासी ब्रम्हानन्द मिश्रा ने दुख प्रकट करते हुए कहा की भाजपा मे संघर्श के साथ रहा और राम मंदिर आंदोलन मे हिस्सा लिया कारसेवा किया था परंतु कोई बुलावा पत्र नही मिला लेकिन कारसेवा ने मे जो लाठी मेरे ऊपर गिरी उसका आशिर्वाद मूझे देश के प्रधानमंत्री ने दे दिया क्योकी आज मैं खुश भी हूँ की भगवान राम अयोध्‍या मे बिरजमान होंगे यह मेरे कारसेवा का प्रसाद है।

ब्राम्हानन्द मिश्र ने कहा कि राम मंदिर अयोध्या के गर्भ गृह मे सर्वप्रथम मैने प्रवेश किया था वहा के पुजारी को लगा की राम की प्रतिमा लेकर कोई भागने न पाये इसलिये डन्डे से मेरे दाहीने भुजा पर प्रहार किया और मैं प्रभु के चरणो मे प्रणाम किया तब पुजारी को लगा की यह कोई कारसेवक है तब पिछे सैलाब देखकर उन्होने मेरा सहयोग किया और पुजारी ने राम लक्ष्मण सीता जी का पीतल के मूर्ती की तरह जो दिख रहा था उसे बाक्स मे बंद कर वहा से अन्यत्र कही दुसरे रास्ते से बाहर निकल गये और हम सब बाहर निकलकर पुँह मस्ज़िद के गुम्बद के ऊपर चढ गये और भीड़ मे स्लीप होने की वजह से नीचे गिर गया और बेहोश हो गया उसके बाद मैं अपने को श्री राम हास्पिटल जो मंदिर के बगल मे वहा होश आने पर अपने को पाया होश आने के बाद मैं पुँह हास्पिटल से भागकर कारसेवा स्थल पर आ गया और रामलला के चबुतरे के निर्माण मे पुजारी मूझे पुँह कारसेवा मे देखकर रोने लगा और गले लगाकर मूझे साबाशी दिया और रामलला के चबुतरे पर मेरे साथ श्री रामचन्द्र दास जी बिनय कटियार डा o प्रवीण भाई तोगडिय़ा जी द्वारा शिलापट पर रामलला को बीरजमान कराया गया वह जीवन का मेरे अदभूत क्षण था उसके बाद अन्नकुट के त्योहार के दिन कोंशलेश सदन मे स्वामी बासुदेवानन्द जी के समक्ष पूर्व मंत्री लल्लू सिंह ने मूझे साल देकर सम्मानित किया था आज 5th अगस्त को भगवान राम के मंदिर के पूजन समारोह मे मूझे निमंत्रण नही मिला जिसका दुख है लेकिन आज एक ख़ुशी यह भी है कि भगवान राम का मंदिर अयोध्या मे बनने का कार्य हो रहा है जो हिन्दू होने का गर्व को महशुस करा दिया है देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के द्वारा यह नेक कार्य प्रारम्भ होगा यह विश्व मे हिन्दू धर्म के लिये खुशी के माहौल जैसे है। मंदिर बन जाने के पश्चात भगवान राम का दर्शन परीवार के साथ अवश्य करूँगा।