भारतीय राष्ट्रीय उद्योग व्यापार मंडल के आज 39 वें व्यापारी दिवस पर केंद्र सरकार के राष्ट्रीय राजमार्ग एवँ सुक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग मंत्री श्री नितिन गडकरी जी के एवँ वाणिज्य एवं रेलवे मंत्री श्री पीयूष गोयल जी का सम्बोधन हुआ*
August 9, 2020 • गुरुकुल वाणी

वर्चुअल मीटिंग के द्वारा हुये इस मीटिंग में देश के सभी राज्यों के व्यापारी नेता एवँ प्रतिनिधि सम्मिलित हुए।

*प्रथम सत्र को सम्बोधित करते हुए गडकरी जी ने कहा कि*.....

-- वर्तमान समय में देश कॅरोना जैसी वैश्विक महामारी के संकट से गुजर रहा है , ऐसे समय मे व्यवसाय का तरीका एवँ माहौल बदल गया है। व्यापारी वर्ग को इसको समझते हुए व्यापार में बदलाव के लिए तैयार रहना चाहिए । वर्तमान समय मे सरकार का रेवन्यू भी कम हुआ है। व्यापारी समाज एक दूसरे का हाथ एवँ साथ पकड़ कर चले तो इस संकटकाल से निकलने में हम कामयाब होंगें ।हमारी सरकार मौजूदा हालात को गम्भीरता के साथ देख रही है, व्यापारियों को कैसे सहूलियत एवँ समर्थन दिया जा सकता है इन सम्भावनाओं पर विचार किया जा रहा है, इंसपेक्टर राज से कैसे छुटकारा दिलाया जा सकता है इस बिंदू पर सरकार विचार कर रही है परन्तु इसमें व्यापारी वर्ग को भी नेक नियति के साथ डटकर खड़ा होना होगा ।

21वीं सदी का सबसे बड़ा कैपिटल है विश्वसनीयता, रोजी रोटी के लिए गांव से शहर का पलायन ठीक नहीं है अपने स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग करके इस को रोका जा सकता है। छोटे व्यापारियों को सरकार ने 10 लाख रुपये तक का ऋण 3 दिनों में देने का लक्ष्य तय कर रखा है, सब्जी,ऑटो,किराना के साथ अन्य छोटे एवँ कुटीर उद्योगों को ऋण देने के नियमों को सरलीकरण किया गया है।

उद्योग एवँ व्यापार को कोविड -19 के लॉकडाउन का सामना करना पड़ा है जिससे व्यापार एवँ उत्पादन की दरों की गति में कमी आयी है लेकिन लॉकडाउन कोई स्थायी उपाय नहीं है,हमें इन्ही परिस्थितियों में अपने को आगे बढ़ाना होगा । कोरोना की वैक्सीन जल्दी ही आयेगी। सरकार ने प्रदूषण को कम करने के लिए इलेक्ट्रिक ट्रक एवँ कार की योजना बनाई है , ईँधन और समय की बचत के लिए फ़ास्टटैग का इस्तेमाल किया जाना चाहिए ।

*मीटिंग के दूसरे सत्र में वाणिज्य मंत्री के सम्बोधन से पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी जी मिश्र ने मांग रखी कि*..... "

सरकार को gst की तरह लाइसेंस को भी आजीवन करना चाहिए, स्थानीय उत्पादों के साथ स्थानीय बाजारों को भी बढ़ावा दिया जाए।पटरी एवँ फुटपाथ के दुकानदारों को सरकारी योजना के तहत उचित मूल्य पर दुकानें आवंटित किया जाये । इंसपेक्टर राज एवँ लालफीताशाही पर अंकुश लगाने की आवश्यकता है।

टैक्स की छूट सीमा 10 लाख तक किया जाये । खाद्य सुरक्षा के नियमों में सरलीकरण की पुर्नसमीक्षा किया जाए और सरल नियम बनाये जाएं ।

*केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने अपने सम्बोधन में कहा कि*.... "

आपके दिए सुझावों पर मंत्रालय गम्भीरता से विचार करेगा । व्यापारी दिवस एक सम्मान का दिन है, व्यापार को सरल एवँ सुगम बनाना हमारी प्राथमिकता है और हम उसपर काम भी कर रहे हैं । सरकार लाइसेंसों को आजीवन करने की सम्भावनाओं पर विचार कर रही है, परन्तु इसके लिए व्यापारी वर्ग से भी सहयोग की अपेक्षा की जाती है । व्यापारी वर्ग एवँ सरकार दोनों पक्ष मिल कर आ रही दिक्कतों पर मिल बैठ कर बात करें और उसका ठोस उपाय भी निकालेंगे । सरकारी तंत्र एवँ व्यापारी समाज दोनों जगहों से कोई भी गलत तरीके से काम करे तो उसका पुरजोर विरोध किया जाये, एक गलत व्यक्ति पूरे व्यवस्था को गलत साबित कर देता है ।

प्रधानमंत्री मोदी जी के आत्मनिर्भर भारत का संदेश सही मायनों में 130 करोड़ लोंगो के साथ ही सम्भव है । देश की 90 प्रतिशत आबादी स्वदेशी के पक्ष में है,सरकार भी इस दिशा में कदम बढ़ा रही है ,मोबाइल, टेलीविजन, टायर आदि उत्पादों को भारत सरकार बढ़ावा दे रही है । 10 लाख करोड़ रुपए मूल्य का विदेशी समान आयात होता है इसको रोककर हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ सकते हैं ।

हम 130 करोड़ लोंगो के साथ आज विश्व बाजार में एक प्रमुख उपभोक्ता वाला देश हैं यहाँ पर व्यापार की अपार संभावनाएं हैं । देश के व्यापारी समाज एवँ संगठनों को स्वदेशी निर्मित उत्पादों को समर्थन देना चाहिए ।

*धन्यवाद ज्ञापित करते हुए राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री श्याम बिहारी मिश्र ने कहा विदेशी सामानों खास कर चाइना के उत्पादों का व्यापार मंडल पूर्ण रूप से विरोध करता है हमारा संगठन ऐसे किसी भी व्यापार का कतई समर्थन नहीं करेंगे* ।

केंद्रीय मंत्री के सामने ही *सभी व्यापारी नेताओ ने खड़े होकर इसकीं शपथ भी ली* ।

*संचालन प्रदेश के वरिष्ठ उपाध्यक्ष मुकुंद मिश्र ने किया* । आज के कार्यक्रम में उपस्थित हुए लोंगो में...... ।

विजय प्रकाश जैन वरिष्ठ महामंत्री दिल्ली बाबूलाल गुप्ता वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजस्थान. तारक नाथ त्रिवेदी वरिष्ठ उपाध्यक्ष कोलकाता. गोपाल मोर तेलंगाना. गोपाल अग्रवाल मध्य प्रदेश. हेमंत गुप्ता दिल्ली. मोहन राम गुरनानी मुंबई महाराष्ट्र. राजेंद्र गुप्ता बरेली उत्तर प्रदेश. बालकिशन अग्रवाल दिल्ली, शिवकुमार जी हरियाणा प्रहलाद खंडेलवाल खंडेलवाल उड़ीसा. राजू अप्सरा, बी राजपुरोहित बेंगलुरु।