भगवान राम ने चुना मंदिर निमार्ण हेतु श्री नृपेंद्र मिश्र को : अरविन्द पाण्डेय
July 30, 2020 • गुरुकुल वाणी

सलेमपुर देवरिया। नृपेंद्र मिश्र को मिली थी में राम मंदिर बनाने की जिम्मेदारी, पीएम मोदी की पहली पसंद उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में कसिली गांव निवासी सिवेशचंद्र मिश्रा के बड़े बेटे नृपेंद्र आठ मार्च 1945 को जन्मे. वह तीन-तीन विषयों से मास्टर्स हैं. इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से उन्होंने कैमेस्ट्री, राजनीतिक विज्ञान और लोक प्रशासन विषय से पोस्ट ग्रेजुएट किया. उन्होंने विदेश में भी पढ़ाई की. पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन (लोक प्रशासन) विषय से उन्होंने जॉन एफ केनेडी स्कूल ऑफ गवर्नमेंट, हार्वर्ड यूनिवर्सिटी से मास्टर्स डिग्री ली. फिर 1967 में यूपी काडर के आईएएस बने.

लंबा और असाधारण कॅरियर

नृपेंद्र मिश्रा 75 साल के हो चुके हैं. देश के शीर्ष स्तर के नौकरशाह के रूप में उनका लंबा और असाधारण कॅरियर रहा है. देश के नीति निर्माण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते रहे हैं. मिश्रा को एक सक्षम और व्यवसाय समर्थक प्रशासक होने का श्रेय जाता है. वह दयानिधि मारन के मंत्री के कार्यकाल के दौरान दूरसंचार सचिव रह चुके हैं और उनको ब्राडबैंड नीति का श्रेय जाता है.

उत्तर प्रदेश में मुलायम सिंह यादव और कल्याण सिंह सरकार में नृपेंद्र मिश्र प्रमुख सचिव रह चुके हैं. इस बड़े राज्य में काम करते हुए उन्होंने तेजतर्रार और ईमानदार अफसर की पहचान बनाई. जिसके इनाम के तौर पर उन्हें प्रतिनियुक्ति पर केंद्र में काम करने का मौका मिला. केंद्र में कई अहम पदों पर उन्होंने काम किया. दयानिधि मारन के मंत्री के कार्यकाल के दौरान दूरसंचार सचिव रह चुके हैं और उनको ब्राडबैंड नीति का श्रेय जाता है.

डिपार्टमेंट ऑफ फर्टिलाइजर्स में भी 2002 से 2004 के बीच सचिव रहे. रिटायर होने के बाद मनमोहन सरकार में वह 2006 से 2009 के बीच टेलीकॉम रेगुलेटरी अथॉरिटी ऑफ इंडिया (ट्राई) के भी चेयरमैन रहे.

ट्राई के चेयरमैन पद से रिटायर होने के बाद नृपेंद्र मिश्र पब्लिक इंटरेस्ट फाउंडेशन (PIF) से जुड़े. दिल्ली के ग्रेटर कैलाश स्थित दफ्तर में वह कुछ रिसर्च स्कॉलर्स के साथ काम करते थे. यह फाउंडेशन समाज में हाशिए पर पहुंचे लोगों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए एक थिंकटैंक के रूप में काम करने के लिए जाना जाता है. कुछ समय तक वह मशहूर थिंक टैंक विवेकानंद इंटरनेशनल फाउंडेशन (VIF) में भी प्रमुख पद पर रहे थे.

विदेश में भी काम करने का अनुभव

नृपेंद्र मिश्रा ने विदेश में भी काम करने का अनुभव हासिल किया है. उन्होंने विश्व व्यापार संगठन(डब्ल्यूटीओ) में स्पेशल सेक्रेटरी के तौर पर काम करते हुए देश से जुड़े मामलों में मजबूती से पक्ष रखा. इसके अलावा वह मिनिस्ट्री ऑफ कॉमर्स में ज्वाइंट सेक्रेटरी रहे. इसके अलावा वर्ल्ड बैंक, एशियन डिवेलपमेंट बैंक, नेपाल सरकार में सलाहकार के रूप में भी उन्होंने काम किया हुआ है.
राम काज किन्हें बिना मोहि कहां विश्राम ।।