इन 3 वैक्सीन पर टिकी पूरे देश की निगाहें, जानें कब और कैसे मिलेगी दवाई
August 17, 2020 • गुरुकुल वाणी

नई दिल्ली। कोरोना को खत्म करने के लिए दुनियाभर के वैज्ञानिक इसके वैक्सीन (COVID-19 Vaccine) पर काम कर रहे हैं। देश में भी शोधकर्ता दिन-रात मेहनत कर रहे हैं। हर किसी को इंतजार है वैक्सीन के लांच होने का। उनकी इस उम्मीद को पीएम नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) ने अपने स्वतंत्रता दिवस के संबोधन में और बढ़ा दिया है। पीएम ने बताया कि इस वक्त देश में 3 वैक्सीन पर काम चल रहा है, जो अलग-अलग ट्रायल (Trial Of Vaccine) स्टेज पर हैं। जल्द ही इन्हें मार्केट में उतारा जाएगा। ऐसे में लोगों की निगाहें इन तीन वैक्सीन पर टिकी हुई हैं।

वर्तमान में भारत में दो टीके पर ज्यादा तेजी से काम चल रहा है। इनमें भारत बायोटेक, इंडियन काउंसिल ऑफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी (NIV) की ओर से विकसित कोवाक्सिन और Zydus Cadila की ओर से बनाया गया एक टीका शामिल है। इसके अलावा सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया को भारत में ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय और एस्ट्राजेनेका की ओर से विकसित टीका दूसरे और तीसरे चरण पर है। इसे मानव ट्रायल के लिए परीक्षण की मंजूरी मिल गई है। ब्रिटिश स्वीडिश फर्म ने भारत और निम्न और मध्यम आय वाले देश के लिए वैक्सीन के निर्माण के लिए SII के साथ साझेदारी की है।

कब से मिलेगी कोरोना की दवाई कोरोना वैक्सीन लोगों को कब तक मिलेगी इस बारे में भी पीएम मोदी ने लाल किले के मंच से बताया कि जब वैज्ञानिक हरी झंडी देंगे, तो इसका बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जाएगा और इसके लिए पूरी तैयारी की गई है। उन्होंने वैज्ञानिकों को 'ऋषि मुनियों' की तरह प्रतिभाशाली बताते हुए कहा कि वे प्रयोगशालाओं में बहुत मेहनत कर रहे हैं। जल्द ही लोगों को इसका फायदा मिलेगा। उन्होंने यह भी कहा कि कोरोना वैक्सीन के मार्केट में आते ही इसे कम समय में ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने की कोशिश की जाएगी।

किसे दी जाएगी सबसे पहले दवाई स्वास्थ्य राज्य मंत्री अश्विनी कुमार चौबे के अुनसार कोरोनो वायरस वैक्सीन के कामयाब होने पर इसकी सबसे पली खुराक कोरोना वॉरियर्स को दी जाएगी। वहीं दवाई की कीमत क्या होगी इस बारे में सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया के मुख्य कार्यकारी अधिकारी, अडार पूनावाला ने पिछले महीने बताया था कि अभी कीमत तय नहीं है। मगर प्रति खुराक इसे 1,000 रुपए से कम रखने की कोशिश की जा रही है।