कारोना वायरस देश के लिये खतरनाक बचाव ज़रूरी -  डाo एम आई अंसारी (बब्लू) 
May 22, 2020 • गुरुकुल वाणी

सलेमपुर, देवरिया। आज देश मे  कोविद 19 ने  देश की  सुरक्षा को हिलाकर रख दिया है ईस बिषय पर मैं डाo एम आई अंसारी बब्लू आपके बीच एक लेख गुरुकुल वाणी के माध्यम से एक संदेश कारोना से बचाव  पर प्रस्तुत  कर रहा हूँ। उम्मीद है कि आप सभी इसे जीवन में इसका  सदूपयोग करेंगे।

कोरोना वायरस क्या है?
 
कोरोना वायरस (सीओवी) का संबंध वायरस के ऐसे परिवार से है जिसके संक्रमण से जुकाम से लेकर सांस लेने में तकलीफ जैसी समस्या हो सकती है। इस वायरस को पहले कभी नहीं देखा गया है। इस वायरस का संक्रमण दिसंबर में चीन के वुहान में शुरू हुआ था। डब्लूएचओ के मुताबिक बुखार, खांसी, सांस लेने में तकलीफ इसके लक्षण हैं। अब तक इस वायरस को फैलने से रोकने वाला कोई टीका नहीं बना है।
 
इसके संक्रमण के फलस्वरूप बुखार, जुकाम, सांस लेने में तकलीफ, नाक बहना और गले में खराश जैसी समस्याएं उत्पन्न होती हैं। यह वायरस एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। इसलिए इसे लेकर बहुत सावधानी बरती जा रही है। यह वायरस दिसंबर में सबसे पहले चीन में पकड़ में आया था। इसके दूसरे देशों में पहुंच जाने की आशंका जताई जा रही है।
कोरोना से मिलते-जुलते वायरस खांसी और छींक से गिरने वाली बूंदों के ज़रिए फैलते हैं। कोरोना वायरस अब चीन में उतनी तीव्र गति से नहीं फ़ैल रहा है जितना दुनिया के अन्य देशों में फैल रहा है। कोविड 19 नाम का यह वायरस अब तक 70 से ज़्यादा देशों में फैल चुका है। कोरोना के संक्रमण के बढ़ते ख़तरे को देखते हुए सावधानी बरतने की ज़रूरत है ताकि इसे फैलने से रोका जा सके।

 
* क्या हैं इस बीमारी के लक्षण?
 
कोवाइड-19 / कोरोना वायरस में पहले बुख़ार होता है। इसके बाद सूखी खांसी होती है और फिर एक हफ़्ते बाद सांस लेने में परेशानी होने लगती है।

इन लक्षणों का हमेशा मतलब यह नहीं है कि आपको कोरोना वायरस का संक्रमण है। कोरोना वायरस के गंभीर मामलों में निमोनिया, सांस लेने में बहुत ज़्यादा परेशानी, किडनी फ़ेल होना और यहां तक कि मौत भी हो सकती है। बुजुर्ग या जिन लोगों को पहले से अस्थमा, मधुमेह या हार्ट की बीमारी है उनके मामले में ख़तरा गंभीर हो सकता है। ज़ुकाम और फ्लू में के वायरसों में भी इसी तरह के लक्षण पाए जाते हैं। 
 
* कोरोना वायरस का संक्रमण हो जाए तब?
 
इस समय कोरोना वायरस का कोई इलाज नहीं है लेकिन इसमें बीमारी के लक्षण कम होने वाली दवाइयां दी जा सकती हैं।
 
जब तक आप ठीक न हो जाएं, तब तक आप दूसरों से अलग रहें।
 
कोरोना वायरस के इलाज़ के लिए वैक्सीन विकसित करने पर काम चल रहा है।
 
इस साल के अंत तक इंसानों पर इसका परीक्षण कर लिया जाएगा।
 
कुछ अस्पताल एंटीवायरल दवा का भी परीक्षण कर रहे हैं।
 
* क्या हैं इससे बचाव के उपाय?
 
स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय ने कोरोना वायरस से बचने के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। 
 
इनके मुताबिक हाथों को साबुन से धोना चाहिए। 
 
अल्‍कोहल आधारित हैंड रब का इस्‍तेमाल भी किया जा सकता है। 
 
खांसते और छीकते समय नाक और मुंह रूमाल या टिश्‍यू पेपर से ढंककर रखें। 
 
जिन व्‍यक्तियों में कोल्‍ड और फ्लू के लक्षण हों, उनसे दूरी बनाकर रखें। 
 
अंडे और मांस के सेवन से बचें।
 
जंगली जानवरों के संपर्क में आने से बचें।
 
* मास्क कौन और कैसे पहनें?
 
अगर आप स्वस्थ हैं तो आपको मास्क की जरूरत नहीं है।
 
अगर आप किसी कोरोना वायरस से संक्रमित व्यक्ति की देखभाल कर रहे हैं, तो आपको मास्क पहनना होगा।
 
जिन लोगों को बुखार, कफ या सांस में तकलीफ की शिकायत है, उन्हें मास्क पहनना चाहिए और तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।
 
* मास्क पहनने का तरीका :-  
 
मास्क पर सामने से हाथ नहीं लगाना चाहिए।
 
अगर हाथ लग जाए तो तुरंत हाथ धोना चाहिए।
 
मास्क को ऐसे पहनना चाहिए कि आपकी नाक, मुंह और दाढ़ी का हिस्सा उससे ढंका रहे।
 
मास्क उतारते वक्त भी मास्क की लास्टिक या फीता पकड़कर निकालना चाहिए, मास्क नहीं छूना चाहिए।
 
हर रोज मास्क बदल दिया जाना चाहिए।