लॉकडाउन में अगर रोके जा रहे ट्रक तो सीधे गृह मंत्रालय को करें फोन, ये है नंबर
May 3, 2020 • गुरुकुल वाणी

देश के किसी भी हिस्से में सामान से भरे ट्रक या खाली ट्रकों को किसी राज्य की पुलिस या किसी भी विभाग के अधिकारी रोक रहे हैं, तो ड्राइवर सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) के कंट्रोल नंबर पर फोन करें। केंद्र सरकार ने कहा है कि इस तरह की घटना कहीं भी होती है तो MHA कंट्रोल रूम के फोन नंबर 1930 पर कॉल करके सूचना दी जाए। इस पर तुरंत कार्रवाई होगी।

*ट्रकों की आवाजाही में ना हो कोई दिक्कत*

देशभर में ट्रकों की निर्बाध आवाजाही में अड़ंगा लगाने की कुछ शिकायत मिलने के बाद केंद्र सरकार ने यह निर्णय लिया है। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के एक शीर्ष अधिकारी ने बताया कि कई राज्यों से इस तरह की सूचना मिलने के बाद यह निर्णय लिया गया है।

*राज्यों की सीमा पर ज्यादा दिक्कत*

राज्यों से, खासकर के सीमावर्ती इलाकों, जहां 2 राज्य या 2 जिलों की सीमा मिल रही है, से ट्रकों के रोकने की ज्यादा शिकायतें मिल रही हैं। इसीलिए ट्रकरों को, ड्राइवरों को और ट्रांसपोर्ट कंपनियों को निर्देश दिया गया है कि इस तरह की कोई घटना होती है तो उसकी सूचना सीधे केंद्रीय गृह मंत्रालय के कंट्रोल रूम में दें। यह कंट्रोल रूम 24 घंटे सप्ताह के सातों दिन काम करता है। वहां अब सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी भी बैठ रहे हैं, ताकि समस्या का जल्द समाधान हो सके।

*एनएच पर तंग करें तो इस नंबर पर करें कॉल*

राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि कई राष्ट्रीय राजमार्गों (एनएच)पर भी ट्रकों की आवाजाही में व्यवधान पड़ रहा है। कहीं टोल बूथ पर कोई जबरन रोक रहे हैं, तो कहीं कोई और व्यवधान आ रहा है। एनएच पर इस तरह की कोई घटना होती है तो ड्राइवरों को निर्देश दिया गया है कि वह राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एनएचएआई के कंट्रोल रूम नंबर 1033 पर कॉल करके सूचना दें। इस पर तुरंत संज्ञान लिया जाएगा।

*सामानों की आवाजाही कभी नहीं रोकी गई थी*

उक्त अधिकारी का कहना है कि अभी तो लॉक डाउन में काफी हद तक छूट मिल गई है। जब छूट नहीं थी, तब भी ट्रकों या सामानों की आवाजाही में कोई रोक नहीं थी। अब, जबकि धीरे-धीरे स्थिति सामान्य हो रही है, और आर्थिक गतिविधियों को खोला जा रहा है। ऐसे में ट्रकों को रोकना अनुचित है। इसलिए अब इसकी मानिटरिंग केंद्रीय स्तर से की जाएगी।

सांकृत्यायन रवीश पाण्डेय