लोकतंत्र का ये क़ायदा है : अजय मणि
June 5, 2020 • गुरुकुल वाणी

अमेरिका में एक अश्वेत की पुलिस द्वारा गिरफ़्तारी करते समय किये गये अतिचार से मृत्यु हो गई थी । पास खड़े लोगों ने वीडियो बना लिया था जिसमें दिख रहा था कि एक पुलिसवाले ने अपना घुटना क़रीब नौ मिनट तक वर्णित अश्वेत की गर्दन पर रक्खा हुआ था जबकि वह बुदबुदा रहा था कि उसका दम घुट रहा है ।बाद में उसकी इसी वजह से मृत्यु हो गई और अमरीका उबल पड़ा ।

सड़कों पर भीड़ उतर आई और उसके एक हिस्से ने दंगाइयों के रूप में दुकानें और पब्लिक प्रापरटियों को निशाना बनाया!

पर आप मियामी पुलिस का आचरण देखिये । उन्होंने भीड़ पर गोलियाँ लाठियाँ बरसाने की जगह घुटनों पर बैठकर अपने सहयोगी के ग़लत व्यवहार पर कैमरों के सामने क्षमा माँगी और मियामी में भीड़ छँट गई !

हालाँकि वहाँ भी ट्रम्प भड़काऊ भाषण ही झाड़ रहे हैं लेकिन लोकतंत्र का स्वर उनसे अलग है ! 

हमारे यहाँ तो राक्षस पाले  बढ़ाये जा रहे हैं और इसी को सुशासन और महानता बताया जा रहा है ।