मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ ने कहा, एकजुट रहिये-गोरखपुर की छवि संभालिये
September 1, 2020 • गुरुकुल वाणी

_रवीश पाण्डेय_

सलेमपुर, देवरिया। गोरखपुर, मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने सांसद और विधायकों को एकजुट रहने की सलाह देते हुए दस दिन में बिगड़ी गोरखपुर की छवि को संभालने के निर्देश दिए हैं। मुख्‍यमंत्री ने कहा कि आपस में सभी लोग एक दूसरे के साथ समझदारी से रहिए।

*जनप्रतिनिधियों के साथ हुई बैठक*

दो दिवसीय दौरे पर गोरखपुर पहुंचे मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने अपने कार्यक्रमों की शुरुआत जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक से की। सर्किट हाउस सभागार में हुई बैठक में नगर विधायक डा राधा मोहन दास अग्रवाल, विपिन सिंह, महेंद्र पाल सिंह, शीतल पांडेय, संत प्रसाद, फतेह बहादुर सिंह, संगीता यादव, सांसद कमलेश पासवान शामिल रहे। कोरोना संक्रमण के चलते बांसगांव विधायक विमलेश पासवान बैठक में उपस्थिति नहीं हुए। बैठक में गोरखपुर सांसद रवि किशन भी मौजूद रहे, जो सुबह ही दिल्‍ली से बैठक में हिस्‍सा लेने के लिए सड़क मार्ग से गोरखपुर पहुंचे थे।

*सहायक अभियंता केके सिंह प्रकरण पर नहीं हुई चर्चा*

बैठक खत्‍म होने के बाद निकले सांसद रवि किशन ने बताया कि जनप्रतिनि‍धियों के साथ हुई बैठक में मुख्‍यमंत्री ने सहायक अभियंता केके सिंह के हालिया प्रकरण पर कोई विशेष बात विस्‍तार से नहीं की। उन्‍होंने बस सभी को एकजुट रहते हुए गोरखपुर की बिगड़ी छवि को संभालने का निर्देश दिया।

सांसद रवि किशन ने बताया कि मुख्‍यमंत्री ने उनसे उन सड़कों को लेकर बातचीत की जिसके लिए वह केंद्रीय मंत्री नितीन गड़करी से मिलकर आए थे। मुख्‍यमंत्री हर विधायक से बारी बारी बात करते हुए उनके क्षेत्र की समस्‍याओं को जाना और सभी को निस्‍तारित करने का आश्‍वासन भी दिया।

*नगर विधायक ने कहा विवाद नहीं संवाद हुआ*

लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता केके सिंह के तबादले की जिद पर अड़े नगर विधायक ने अभियंता के तबादले के बाद अब इसे पूरे प्रकरण को नया नाम दे दिया है। अभियंता के पक्ष में पत्र लिखने वाले सांसद रविकिशन और चार विधायकों को सोशल मीडिया पर नैतिकता का पाठ पढ़ाने वाले नगर विधायक ने कहा कि अभियंता प्रकरण में किसी से उनका विवाद नहीं हुआ। इसे विवाद की बजाय संवाद कहा जाना चाहिए।

मुख्‍यमंत्री की बैठक में शामिल होकर निकले नगर विधायक डा० राधा मोहन दास अग्रवाल ने कहा कि मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने पूरे धैर्य के साथ हर विधायक काे निजी रूप से सुना। सभी से अलग अलग उनकी समस्‍याएं सुनीं। गोरखपुर में बाढ़ नहीं है तो मुझसे जलजमाव के बारे में पूछा। बिजली, नालों की समस्‍याएं सुनीं। हम सबको आवश्‍वस्‍त किया कि हम योजनाए बनवाएंगे। गोरखपुर की जलनिकासी को प्राथमिकता देंगे। हमने सर्वे कराया है। हम प्रयास करेंगे कि जलनिकासी की समस्‍या का संपूर्ण हल निकले। 

अभियंता केके सिंह के हालिया प्रकरण के बारे में पूछे जाने पर विधायक ने कहा कि उनका किसी विधायक से विवाद नहीं हुआ था, बल्कि उसे संवाद कहा जाए तो ठीक रहेगा।