फसल अवशेष जलाना बहुत ही नुक़सान दायक होता है : अमित किशोर
April 16, 2020 • गुरुकुल वाणी

देवरिया (सू०वि०) 15 अप्रैल| जिलाधिकारी अमित किशोर ने बताया है कि इस समय गेहू की कटाई की शुरुआत हो चुकी है। श्रमिको की कमी एवं समय की बचत के कारण हार्वेस्टर कम्बाइन से गेहू की कटाई अधिक मात्रा में हो रही है, जिससे काफी अधिक मात्रा में फसल अवशेष खेत मे ही रह जाते हैं, जिसे बाद में कृषक जला देतें है। फसल अवशेष जलाना बहुत ही नुक़सान दायक होता है, फसल अवशेष जलाने से खेत में उपस्थित लाभदायक जीवाणु नष्ट हो जाते है, खेत मे पोषक तत्वों की कमी हो जाती है, वायु प्रदूषण बढ़ता है तथा फसल अवशेषों में पाये जाने वाले पोषक पदार्थ का भी नुकसान होता है । इसलिए गेहू काटने के पश्चात फसल अवशेष को जलाये न बल्कि उसे पहली वर्षा होते ही जुताई करके खेत मे मिला दे, जिससे खेत मे पोषक तत्वों की बृद्धि होगी एवं अन्य कोई नुकसान नहीं होगा । यदि सम्भव हो तो गेंहू अवशेष का भूसा बनवा ले। जो पशुओं को खिलाने के काम आएगा एवं जो कृषक मशरूम उत्पादन करते है तो भूसे को कम्पोस्ट के लिए प्रयोग करे। इस प्रकार किसान भाई तकनीकी का प्रयोग करके अपनी आय को दुगुना कर सकते है। 
        जिलाधिकारी ने बताया कि गेहूं के कटाई के बाद समर्थन मुल्य पर उसकी खरीद के लिए पूरी तैयारियां कर ली गयी हैं। लॉकडाउन में कृषकों को खेती-बाड़ी से जुड़ी कोई असुविधा न हो, इसका विशेष ध्यान दिया जा रहा है। किसान भाइयों को खाद्य एवं रसद विभाग की वेबसाइट पर  रजिस्ट्रेशन करना होगा। क्योंकि खरीद केवल उन्हीं किसानों की होगी जिनका ऑनलाईन पंजीकरण हुआ रहेगा। पंजीकरण के लिए भूमि विवरण के साथ खसरा-खतौनी, खसरा संख्या और जमीन का रकबा और गेहूं का रकबा बताना होगा। चूंकि खरीद का पैसा किसान के खाते में जाएगा इसलिए आधार कार्ड, बैंक पासबुक और राजस्व अभिलेख (खेत) संबंधी सही जानकारी भरें।
      जिलाधिकारी ने कोविड 19 के संक्रमण से बचाव हेतु कृषकों को अवगत कराया है कि खेत पर कृषि कार्य पर जाने से पहले चेहरे पर गमछा अथवा मास्क का प्रयोग अवश्य करें।   कृषि कार्य में कार्य करते समय सामाजिक दूरी  अवश्य बनाए,1 से 2 मीटर की दूरी पर ही कार्य करें। किसान भाई हर एक से दो घंटों पर साबुन से हाथ अवश्य धोएं। काम करते समय हाथ को नाक, कान, मुंह, चेहरे पर हाथ ना ले जाएं। आरोग्य सेतु ऐप डाउनलोड करे |

       उप कृषि निदेशक डा० ए०के० मिश्र ने इसी क्रम में बताया है कि आम की अच्छी फसल लेने के लिए किसान भाई इस समय आम के बागों में सबसे बड़ी समस्या भुनगा कीट द्वारा प्रस्तुत की जा रही है। यह कीट  न सिर्फ आम के नन्हें फलों और नई कोमल पत्तियों का रस चूँस कर उनको क्षति कर रहा है, वल्कि हनी ड्यू  (लासी) पैदा करके काली फफूंदी भी पैदा कर रहा है। इन  समस्याओं के प्रबंधन हेतु थायमेथोकजाम 1 ग्राम प्रति 3 लीटर के साथ कार्बेंडाज़िम 1 ग्राम प्रति लीटर पानी के साथ छिड़काव कर सकते हैं। कुछ भागों में गुजिया कीट भी काफी सक्रिय हैं। इसके लिए कार्बोसल्फान या डाईमेथोएट 2 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी के साथ प्रयोग करें। यदि तीनों कीट एक साथ समस्या बन रहे हों तो डाईमेथोएट ठीक रहेगी।
       डा० मिश्र ने बताया है कि विगत में हुई वर्षा से इस बार अभी तक आम की फसल थ्रिप्स महामारी से बची हुई है। वर्षा की नमी अब लगभग खत्म हो रही है, अतः अब किसान भाई सिचाई भी करें। इससे फलों की उत्तम बृद्धि होगी और झड़ना कम रहेगा। यही समय है जब उर्वरकों का छिड़काव फलों और पत्तियों की अच्छी बृद्धि करेगा। अतः एन पी के 19, 19, 19 के 5 ग्राम के साथ 3 से 5 ग्राम शूक्ष्म पोषक तत्व मिश्रण प्रति लीटर पानी का छिड़काव करें। ध्यान रखे कि 2 से अधिक रसायन एक साथ मिलाकर न छिड़काव करें।

गेहूं की बिक्री के लिए खाद विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर पंजीकरण कराना अनिवार्य : डीएम 

देवरिया(सू0वि0) 15 अप्रैल| जिलाधिकारी अमित किशोर ने बताया है कि रबी विपणन वर्ष 2020-21 में समर्थन मूल्य योजना के अंतर्गत आज से 15 जून 2020 तक जनपद में गेहूं की खरीद खाद्य विभाग के 15 पी0सी0एफ0 के 44, यू0पी0एस0एस0 के 22, भा0 खा0 निगम के 01, पी0सी0यू 0 के 28, यूपी एग्रो के 08, क0क0 निगम के 04, एवं  एन0सी0सी0एफ0 के 06 एवं नेफेड के 11कुल 139 केंद्रों पर होगी।  गेहूं की बिक्री के लिए खाद विभाग के पोर्टल fcs.up.gov.in पर पंजीकरण कराना अनिवार्य होगा।  इस वर्ष ओ0टी0पी0 आधारित पंजीकरण की व्यवस्था की गई है।  इसके लिए कृषक पंजीकरण के समय अपना वर्तमान मोबाइल नंबर ही अंकित कराएं, जिससे एस0एम0एस0 द्वारा प्रेषित ओ0टी0पी0को भरकर पंजीकरण की प्रक्रिया को पूर्ण किया जा सके।  केंद्रों से कृषको को ऑनलाइन खरीद हेतु टोकन जारी किया जाए रहा है।  किसानों के पंजीकरण के लिए कंप्यूटराइज खतौनी, फोटोयुक्त पहचान पत्र,बैंक पासबुक की छायाप्रति एवं आधार कार्ड लाना अनिवार्य होगा।  कृषक अपनी कंप्यूटराइज, खतौनी का खाता संख्या किसान पंजीकरण में दर्ज कर अपने कुल रकबे को एवं बोये गए नए गेहूं के रकबे को अंकित करेंगे तथा अपनी हिस्सेदारी की सही-सही घोषणा पंजीकरण में करेंगे।   किसान अपना बैंक खाता सी0बी0एस0 बैंक में ही खुलवायें व आई0एफ0एस0सी0 कोड भरने में विशेष सावधानी रखें।   इसी प्रकार पी0एफ0एम0एस0 के माध्यम से प क्रीत गेहूं के सापेक्ष त्वरित गति से भुगतान हो सके।  इसके लिए किसानों से अपील है कि वह अपने बैंक खाते का ही नंबर पंजीकरण के समय दें।  पंजीकरण कराने के बाद कृषक अपना गेहूं मानक के अनुरूप अपने नजदीकी क्रय केंद्र पर बिक्रय  हेतु ले जाए और न्यूनतम समर्थन मूल्य रुपए 1925 कुंतल प्राप्त करें।  किसानों को केंद्र पर गेहूं उतराई एवं छनाई हेतु  रुपए 20 प्रति कु0 देना होगा, जो उनको बाद में 1925+20=1945 प्रति कुंतल प्राप्त होगा।  किसान बंधु किसी भी सहायता के लिए खाद्य विभाग के टोल फ्री नंबर 1800-1800-150 या जनपद के जिला खाद्य अधिकारी, तहसील के क्षेत्रीय विपणन अधिकारी या ब्लॉक के विपणन निरीक्षक से संपर्क कर सकते हैं।  

सावधानी बरतने व एहतियाती उपायों को अपनाए जाने की जरूरत : डीएम 

देवरिया (सू0वि0) 15 अप्रैल| जिलाधिकारी अमित किशोर ने लॉक डाउन फेस-2 में सोशल डिस्टेंसिंग सहित लॉकडाउन का पूर्णत: अनुपालन सुनिश्चित कराए जाने के निर्देश के साथ ही इसमें पूर्णत: सावधानी बरतने व एहतियाती उपायों को अपनाए जाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि जुड़े सभी विभाग यथा- स्वास्थ्य, राजस्व, पुलिस, विकास विभाग आदि आपसी समन्वय के साथ कार्य करें।  वे आवश्यकतानुसार सभी तैयारियां पूर्ण रखें, इसमें किसी प्रकार की लापरवाही कदापि न हो अन्यथा कार्रवाई सुनिश्चित होगी। 
       जिलाधिकारी श्री किशोर विकास भवन के गांधी सभागार में आयोजित बैठक के दौरान उक्त आशय के निर्देश दिए।  उन्होंने अधिशासी अधिकारियों व खंड विकास अधिकारियों  को निर्देश देते हुए कहा कि भूख से किसी की मृत्यु न हो यह सुनिश्चित करें।  यदि भूख के कारण किसी की मृत्यु होती है, तो इसके लिए आप सभी की जिम्मेदारी तय की जाएगी और कार्यवाही सुनिश्चित की जाएगी।  उन्होंने खाद्यान्न वितरण के नामित नोडल अधिकारियों, उप जिलाधिकारियों आदि को तत्परता पूर्वक राशन वितरण कराए जाने तथा इसमें किसी प्रकार की अनियमितता न हो, यह सुनिश्चित कराए जाने का निर्देश दिया।  उन्होंने  जिला पंचायत राज अधिकारी को सभी गावों  में तथा अधिशासी अधिकारी नगर पालिका व नगर निकाय क्षेत्रों में साफ-सफाई व सेनेटाजेशन कराए जाने  का निर्देश दिया है उन्होंने धारा 144 का पालन कराने का भी निर्देश दिया है।  
     पुलिस अधीक्षक डा0 श्रीपति मिश्र ने कहा कि बॉर्डर पूरी तरह से सील होनी चाहिए।  किसी को भी आने जाने की इजाजत नहीं होनी चाहिए।  सोशल डिस्टेंसिंग का पूर्णत: पालन सुनिश्चित करा जाए तथा कोई भी व्यक्ति बिना मास्क के बाहर न निकले, यह अनिवार्य रूप से सुनिश्चित कराया जाए।  उन्होंने कहा कि धारा 144 का पालन के साथ कहीं भी भीड़ या जमावड़ा न हो, यह पुलिस अधिकारी व थानाध्यक्ष सुनिश्चित करेंगे, साथ ही सभी आरोग्य एप से जुड़े। 
      बैठक में मुख्य विकास अधिकारी शिव शरणप्पा जी०एन० ए०डी०एम०एफ०आर०  उमेश कुमार मंगला, प्रशासन राकेश पटेल, सी०आर०ओ० अमृत लाल बिंद, एडिशनल एसपी शिष्यपाल  सिंह, सीएमओ आलोक पांडे जिला विकास अधिकारी श्री कृष्ण पांडे उप जिला अधिकारी व क्षेत्र अधिकारी आदि उपस्थित रहे।