प्रदेश में उपखनिजों के खनन पट्टे व्यवस्थापन उपरान्त देय किश्तों का भुगतान आनलाईन किया जायेगा : डाॅ0 रोशन जैकब
March 14, 2020 • गुरुकुल वाणी

लखनऊ, दिनांक 13 मार्च 2020। निदेशक, भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 डाॅ0 रोशन जैकब ने बताया कि खनन कार्यों में पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से उपखनिजों के खनन पट्टे व्यवस्थापन उपरान्त देय किश्तों का भुगतान आनलाईन किये जाने की व्यवस्था की गयी है। इस सम्बन्ध में की गयी व्यवस्था को हवाला देते हुए डाॅ0 रोशन जैकब ने समस्त जिलाधिकारियों को परिपत्र भेजकर उनसे अपेक्षा की है कि 01 अपै्रल 2020 से जनपद के समस्त परिहार धारकों को देय किश्त की धनराशि का भुगतान आॅनलाईन किये जाने हेतु अपने स्तर से निर्देशित करें। इस व्यवस्था से जहां जिला स्तर पर किश्तों के भुगतान की समीक्षा व अनुश्रवण में सुगमता होगी, वहीं मासिक पेमेन्ट होने, खनन व पेमेन्ट लिंक होने से अवैध खनन पर नियंत्रण भी होगा, यही नहीं, इससे खनन कार्यों में पारदर्शिता आयेगी और पट्टाधारकों को भी आसानी होगी।

डाॅ0 रोशन जैकब ने बताया कि समस्त उपखनिजों के स्वीकृत खनन पट्टों के देय किश्तों का भुगतान आनलाईन/आफलाईन माध्यम से किये जाने के उपरान्त आनलाईन ई-अभिवहन प्रपत्र-11 जनित किये जाने की व्यवस्था की गयी है। इसके तहत परिहार धारक द्वारा भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 के विभागीय पोर्टल www.upmines.upsdc.gov.in पर लाॅगिंन करके ई-भुगतान कर सकेंगे। ई-भुगतान के माध्यम से भूतत्व एवं खनिकर्म विभाग, उ0प्र0 के निर्धारित लेखाशीर्षक (0853-अलौह खनन तथा धातुकर्म उद्योग, 102-खनिज रियायत शुल्क किराया और त्वत्व शुल्क और 01-खनिज रियायत शुल्क किराया और त्वत्व शुल्क) में एक मुश्त मासिक/त्रैमासिक देय किश्त की धनराशि को जमा करना होगा। प्रत्येक परिवहन के अवसर पर अभिवहन के पास से सम्बन्धित विवरणों, जो लाॅगिन पर प्रदर्शित होगा, को अंकित किये जाने के उपरान्त परिवहन किये जाने वाली मात्रा के सापेक्ष जमा एक मुश्त मासिक/त्रैमासिक देयक धनराशि में से कटौती होने के साथ अभिवहन पास (ई0एम0एम0-11) जनित होगा।
डाॅ0 रोशन जैकब ने बताया कि मासिक/त्रैमासिक देय किश्त की धनराशि या महीने की अन्तिम तिथि जो भी पहले हो, की समाप्ति के उपरान्त अभिवहन पास जनित नहीं हो सकेगा तथा परिहारधारक अगली मासिक/त्रैमासिक देय किश्त का भुगतान करने के उपरान्त अभिवहन पास जनित कर सकते हैं। पूर्व माह की बची हुयी देय किश्त की धनराशि आगामी माह की किश्त में जुड़ जायेगी। परिहारधारक माह में एक से अधिक किश्तों की धनराशि का भुगतान कर ई-अभिवहन पास जनित कर सकते हैं।