राशन वितरण में हो रही  धाँधली पर रोक लगाया जाय : मनोज लारी
April 22, 2020 • गुरुकुल वाणी
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री श्री अखिलेश यादव ने कहा है कि कोरोना संक्रमण और लाॅकडाउन के चलते लोगों की जिंदगी ठहर गई है। यह समय जनता की भूख और धैर्य की परीक्षा लेने का भी नहीं है। उत्तर प्रदेश में सार्वजनिक वितरण प्रणाली (पीडीएस) कामयाब नहीं है। इसमें लगातार उजागर हो रहे प्रदेशव्यापी गड़बड़झाले का संज्ञान लेकर सरकार को इसे रोकना चाहिए। सरकार किस बात का इंतजार कर रही है? भूख से व्याकुल गरीबों और जरूरतमंदों की जिंदगी का यह सवाल है।

कोरोना के कारण लाॅकडाउन का अनेक डरावने पक्ष हैं। आगरा के थाना हरीपर्वत के सामने दो दिन पूर्व एक दम्पत्ति राशन खत्म होने पर भूख से लड़ते-लड़ते जब हार गये तो दोनों पति-पत्नी अपना खून बेचकर भोजन की व्यवस्था करने निकले तो पुलिस रोक कर पूछा कि लाॅकडाउन क्यों तोड़ा? उनकी हृदय विदारक व्यथा सुनकर पुलिस भी सन्न रह गयी। 

दुःख और क्षोभ का विषय है कि जहां एक ओर स्वयंसेवी संगठन और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता अपने साधनों से जरूरतमंदों को राशन और भोजन उपलब्ध करा रहे हैं वहीं राशन वितरण में लगातार अनियमितताएं बरती जाने की शिकायतें आ रही है। 

बदायूं में राशन लेने गई एक महिला तीन घंटे तक धूप में लाइन में खड़ी रही, वहीं उसकी मौत हो गई। यह दुःखदायी घटना है। 

यह भी जरूरी नहीं है कि हर गरीब-मजदूर राशन वितरण केन्द्रों तक पहुंच पाए, इसलिए समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता स्वास्थ्य निर्देशों का पालन करते हुए दूरस्थ बस्तियों तक खाद्य सामग्री पहुंचा रहे हैं। इसमें भी प्रशासन की राजनीति कई जगह व्यवधान पैदा कर रही है, यह सर्वथा अनुचित है।

साभार-राजेन्द्र चौधरी, मुख्य प्रवक्ता